ग़लती पर अड़े रहना।
एक पाठक की टिप्पणी: ऊँच-नीच की सोच में डूबे बुज़ुर्ग अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए ग़लती पर अड़े रहते हैं। अगर इंसान ज़िद्दी हो और सीखना न चाहे, तो बुढ़ापे में उसकी उम्र भर मेहनत करक…
GANWEN / समय के क्रम में पढ़ें
एक पाठक की टिप्पणी: ऊँच-नीच की सोच में डूबे बुज़ुर्ग अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए ग़लती पर अड़े रहते हैं। अगर इंसान ज़िद्दी हो और सीखना न चाहे, तो बुढ़ापे में उसकी उम्र भर मेहनत करक…
पिछले साल एक लड़की से प्यार हो गया। सोचता हूँ, शायद यही प्यार है? शायद हम बहुत, बहुत लंबे समय साथ रहेंगे। दस साल बाद फिर देखेंगे।
6 अप्रैल 2010 को हुबेई प्रांत के गोंगआन काउंटी से घर लौटते समय हानकोउ रेलवे स्टेशन पर एक लड़की से मिलने का सौभाग्य मिला। वह उस साल कॉलेज के तीसरे वर्ष में थी—सुघड़, प्यारी और कोमल,…
बेस्वाद, उबाऊ, दिन पर दिन जीते जाना—आख़िर इंसान किसलिए जीता है? अपनी इज़्ज़त साबित करने के लिए? या कुछ और? मुझे नहीं पता। चलो, यहीं रुकते हैं। इतनी भावुक बातें किसी काम की नहीं; खु…