साल का अंत नज़दीक, मन बेचैन।
हर साल का अंत शायद इंसान का सबसे बेचैन दौर होता है। पूरे साल ज़िंदगी अच्छी चली हो तो ठीक, लेकिन जिनकी अच्छी नहीं चली? साल का अंत सब खोलकर रख देता है। 2012 में सचमुच थोड़ा भ्रमित रह…
GANWEN / समय के क्रम में पढ़ें
हर साल का अंत शायद इंसान का सबसे बेचैन दौर होता है। पूरे साल ज़िंदगी अच्छी चली हो तो ठीक, लेकिन जिनकी अच्छी नहीं चली? साल का अंत सब खोलकर रख देता है। 2012 में सचमुच थोड़ा भ्रमित रह…
6 अप्रैल 2010 को हुबेई प्रांत के गोंगआन काउंटी से घर लौटते समय हानकोउ रेलवे स्टेशन पर एक लड़की से मिलने का सौभाग्य मिला। वह उस साल कॉलेज के तीसरे वर्ष में थी—सुघड़, प्यारी और कोमल,…
यह साल की डायरी भी नहीं, बस भड़ास निकालना है। लगता है पूरा साल ही बेकार चला जाएगा, फिर भी संघर्ष जारी है। ज़िंदगी एक टीवी धारावाहिक है—अच्छा भी हुआ, बुरा भी। लगता तो है कि कोई फ़र्…