2010.04.6
6 अप्रैल 2010 को हुबेई प्रांत के गोंगआन काउंटी से घर लौटते समय हानकोउ रेलवे स्टेशन पर एक लड़की से मिलने का सौभाग्य मिला। वह उस साल कॉलेज के तीसरे वर्ष में थी—सुघड़, प्यारी और कोमल,…
GANWEN / समय के क्रम में पढ़ें
6 अप्रैल 2010 को हुबेई प्रांत के गोंगआन काउंटी से घर लौटते समय हानकोउ रेलवे स्टेशन पर एक लड़की से मिलने का सौभाग्य मिला। वह उस साल कॉलेज के तीसरे वर्ष में थी—सुघड़, प्यारी और कोमल,…
यह साल की डायरी भी नहीं, बस भड़ास निकालना है। लगता है पूरा साल ही बेकार चला जाएगा, फिर भी संघर्ष जारी है। ज़िंदगी एक टीवी धारावाहिक है—अच्छा भी हुआ, बुरा भी। लगता तो है कि कोई फ़र्…
विचार सिर्फ़ तुम्हारा होना शायद संभव न हो, लेकिन उसे अमल में लाने वाला सिर्फ़ तुम हो सकते हो। मेहनत करो।
किसी इंसान से प्यार करो या किसी चीज़ से, बात एक ही है, है न? अगर पछतावा हो जाए, तो क्या फिर भी विश्वास रहेगा?
लगता है जीवन में ऊर्जा संरक्षण का नियम लागू नहीं होता , फूलों का एक गुलदस्ता ही किसी छोटी-सी लड़की को हुआ मुलान बनाने के लिए काफ़ी है; फिर उसमें हिम्मत आ जाती है कि ज़िंदगी का पहिय…