भूमिका: समय पलक झपकते बीत जाता है। काश फिर से शुरुआत कर पाता।

नया दफ़्तर खोज रहा हूँ।

इसी दौरान कमरे की मेज़ पर मकान मालिक की बेटी की स्नातक तस्वीर मिली। 2002–2012—अब वह एक सुंदर, सुघड़ युवती बन गई है।

नन्ही प्यारी